१. पुराने अनुभवों और ग्यान को संकलित करने का अवसर देना २. छात्रों को नए माध्यम और प्रविधियों से अवगत कराकर क्रियात्मक अभिव्यक्ति एवं साधारण कार्य केलिए उसका उपयोग ३. लोक कला और विशिष्ट कलाओं के बारे में अवगत होने का अवसर प्रदान कर हमारे राष्ट्रीय पैतृक से अवगत कराना ४. दैनिक जीवन के कार्य कलापों में कलात्मक और सौन्दर्यात्मक दृष्टिकोण अपनाने का अवसर देना ५. प्रादेशिक कलाकारों और की जीवानी और कार्यों से परिचित कराना ६. छात्रों में क्रियात्मक अभिव्यक्ति बढाना ७. अपने प्रदेश में उपलब्ध सामग्रियों सामग्रियों के सहारे सामाजिक सहयोग के द्वारा क्रियात्मक अभिव्यक्ति का विकास ८. कला के बुनियादी तत्वों और प्रकृति सौन्दर्य के आस्वादन क्षमता को परिमार्जित करना